Sandybook Tech Simplified - Please like, share & subscribe.

 

Arshika Boutiquesandybook



Article Index

एक हाईकोर्ट के वकील की कार देर रात शहर से
बहुत दूर
ख़राब हो गई तो वह वकील पास ही एक फॉर्म
हाऊस देखकर
वहाँ मदद की आशा से गया।
वहाँ एक सुंदर औरत रहती थी, उस औरत ने कहा- मैं
यहाँ अकेली रहती हूँ, गैराज खुलने का सुबह तक
इंतजार
करना पड़ेगा !
वकील- तो ठीक है, इन हालात में मैं आपसे
निवेदन करता हूँ
कि मुझे यहाँ रातभर रहने के लिए स्थान दें !
सुंदर औरत- लेकिन सर, मैं यहाँ अकेली हूँ।
वकील- डरने की कोई बात नहीं, आखिर मैं
हाईकोर्ट
का वकील हूँ !
सुंदर औरत- लेकिन सर यहां सिर्फ एक ही बेडरुम
है !
“डरने की कोई बात नही आखिर मैं हाईकोर्ट
का वकील हूँ।”
वे दोनों बेडरुम की तरफ गए और उस स्त्री ने
कहा- लेकिन
सर यहाँ तो सिर्फ एक ही बेड है।
“डरने की कोई बात नहीं, आखिर मैं हाईकोर्ट
का वकील
हूँ !”
इसलिए वे रात को एक ही बेड पर एक दूसरे
की तरफ पीठ कर
एक ही बेड पर सो गए !
सुबह जागने के बाद जब वकील ने उस स्त्री के
साथ फॉर्म
हाऊस के परिसर में एक चक्कर लगाया...
एक जगह उसे
मुर्गों का एक बाड़ा दिखा।
नजदीक जाकर देखने के बाद वकील ने
देखा कि उस बाड़े में
सिर्फ 20 मुर्गियाँ है और लगभग 60 मुर्गे हैं।
उसे वह थोड़ा अटपटा सा लगा, उसने उस औरत से
पूछा-
60 मुर्गे और सिर्फ 20 मुर्गियाँ?
थोड़ा अटपटा नहीं लगता?
“इसमें अटपटा क्या है? इन 60 मुर्गों में सिर्फ 10
मुर्गे
ही काम के हैं।”
वकील ने पूछा:“और बाकी 50?”
उस स्त्री ने जवाब दिया: “बाकी 50
हाईकोर्ट के वकील हैं।”

We have 136 guests and no members online