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SUVICHAR HINDI

 

“मनुष्य कितना भी गोरा क्यों ना हो परंतु
उसकी परछाई सदैव काली होती है…!!
“मैं श्रेष्ठ हूँ” यह आत्मविश्वास है लेकिन….
“सिर्फ मैं ही श्रेष्ठ हूँ” यह अहंकार है !


“शिक्षक” और “सड़क”
दोनों एक जैसे होते हैं
खुद जहाँ है वहीं पर रहते हैं
मगर दुसरो को उनकी
मंजिल तक पहुंचा हीं देते हैं!

“मनुष्य कितना भी गोरा क्यों ना हो परंतु
उसकी परछाई सदैव काली होती है…!!
“मैं श्रेष्ठ हूँ” यह आत्मविश्वास है लेकिन….
“सिर्फ मैं ही श्रेष्ठ हूँ” यह अहंकार है !


किस्मत से लड़ने का भी अलग ही मजा है , ये मुझे जितने नही दे रही और ….. मैं हार मानने वाला नही !!!


मनुष्य का अपना क्या है..?
– जन्म : दुसरो ने दिया,
– नाम : दुसरो ने रखा,
– शिक्षा : दुसरो ने दी,
– रोजगार : दुसरो ने दिया,
और . . .
– और कब्र में : दुसरे ले जाऐँगे.
तो व्यर्थ मेँ घमँड… किस बात पर है!

इस संसार में….
सबसे बड़ी सम्पत्ति “बुद्धि ”
सबसे अच्छा हथियार “धेर्य”
सबसे अच्छी सुरक्षा “विश्वास”
सबसे बढ़िया दवा “हँसी”
और आश्चर्य की बात कि
“ये सब निशुल्क हैं “


अगर किसी बच्चे को उपहार (गिफ्ट)
न दिया जाये तो वह कुछ ही समय रोयेगा।
मगर संस्कार न दिए जाए तो वह
जीवन भर रोयेगा ।।।


1. एक छोटीसी लढाई से हम अपना प्यार करते हैं इससे तो अच्छा हैं की प्यार से हम अपनी लढाई खत्मः करे.

2. व्यर्थ कार्य जीवन को थका देता हैं, रचनात्मक कार्य सुख और तेज बढ़ा देता हैं.

3. स्वयं के प्रति स्वमान और प्रभु के प्रति प्रेमभाव हो तो दूसरों को आदर देना आसान हो जाता हैं.

4. गलतफहमी हमेशा रिश्ते जोड़ने से पहले ही तोड़ देती हैं.

5. किसी का ख़राब काम देखकर क्रोध आना मामूली बात हैं लेकिन क्रोध के बजाय उसके लिये दुआ निकले यह महान आत्मा के लक्षण होते हैं.

6. खुश रहने के लिये हमें किसी वजह की जरुरत नहीं होनी चाहिये क्योकी हमसे हमरी खुशी की वजह किसी भी वक्त छीन ली जा सकती हैं.

7. दुसरो के नजरो में अच्छा बनने से पहले खुद के नजरों में अच्छा बनों.

8. हमेशा याद रखो की अगर कोई आपके साथ बुरा करे तो इसका मतलब ये नहीं की आप भी उसके साथ बुरा करो अगर आप दुसरो की गलती होते हुये भी माफ़ कर देते हैं तो वास्तव आप उससे बड़े हैं.

9. ज्यादा बोझ लेकर चलने वाले हमेशा डूब जाते है हैं, फिर बोझ चाहे सामान का हो या अभिमान का हो.

10. खुश रहने का मतलब ये नहीं सब कुछ ठीक हैं इसका मतलब यह हैं की आपने अपने दुखो उठकर जिना सिख लिया हैं.

11. दुनिया में हम जो दूसरों को देते हैं वही हमारे पास लौटकर आता हैं, आप दूसरों को दुवायें देंगे तो वो किसी न किसी रूप से आपके पास लौटकर जरुर आयेंगी.


1. जीवन से प्रेम करने का अर्थ हैं भगवान से प्रेम करना.

2. हर कोई कहता हैं की ईश्वर नजर नहीं आता लेकिन सच तो यह हैं की संकट के समय कोई साथ नहीं देता तब किसी न किसी रूप में भगवान् ही साथ देता हैं.

3. ईश्वर से कुछ मांगने पर न मिले तो उससे नाराज न होना क्योंकि ईश्वर वह नहीं देता जो आपको अच्छा लगता हैं बल्कि वह देता हैं जो आपके लिये हमेशा अच्छा हैं.

4. डर विश्वास से विपरीत होता हैं जब हमें डर लगता हैं तब हम भगवान् तक ये संदेश भेजते हैं की हम उसपर विश्वास नहीं करते हैं.

5. भगवान् के सामने जो इन्सान झुकता हैं वो सबको अच्छा लगता हैं, लेकिन जो सब के सामने झुकता हैं वो इन्सान भगवान् को अच्छा लगता हैं.

6. क्रोध से भ्रम पैदा होता हैं, भ्रम से बुद्धि भ्रष्ट होती हैं जब बुद्धि भ्रष्ट होती हैं तब तर्क नष्ट हो जाता है, जब तर्क नष्ट हो जाता हैं तब व्यक्ति का पतन हप जाता हैं.

7. जिस दिन अंतर मिट जायेंगा पूजा और अजान में उस दिन सच्चा स्वर्ग बनेगा अपने हिंदुस्तान में.

8. सार्थक और प्रभावी उपदेश वह हैं जो अपने वाणी से नहीं अपने आचरण से प्रस्तुत किया जाता हैं.

9. त्याग दिये सब सपने कुछ अलग करने के लिये, राम ने बहुत कुछ खो दिया श्री राम बनने के लिये.

10. जब भक्ति भोजन में प्रवेश में करती हैं तो भोजन प्रसाद बन जाता हैं, जब भक्ति पानी में प्रवेश करती हैं तो वह पानी अमृत बन जाता हैं, जब भक्ति घर में प्रवेश करती हैं तो घर मंदीर बन जाता हैं, और जब वही भक्ति इंसान के मन में प्रवेश करती हैं तो वो इंसान भक्त बन जाता हैं.

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