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बहादुर संता!

एक बार संता और बंता दोनों मोटरसाइकिल पर जा रहे थे।
रास्ते में उनका एक्सीडेंट हो गया। दोनों को अस्प्ताल ले जाया गया।

डॉक्टर ने बंता की मरहम पट्टी की तो उसने बड़ी चीख़-पुकार मचाई।
सारा अस्प्ताल सिर पर उठा लिया।

जब संता की बारी आयी तो वो बड़े आराम से पट्टी बंधवाता रहा।

डॉक्टर बंता से: देखो यह कितना बहादुर इंसान है कितने आराम से पट्टी बंधवा ली।

इतने में संता बोला: नहीं डॉक्टर साहब, दरअसल इसकी चीखें सुनकर मैं इतना डर गया था
कि मैंने अपनी दूसरी टांग पर पट्टी बंधवा ली जो बिलकुल ठीक है!


अस्पतालों की सैर!

संता: मैं दुनियां के सारे अस्पतालों में हो कर आ चूका हूँ।

बंता: नहीं, तुम अभी तक एक अस्पताल में हो कर नहीं आए होगे।

संता: हो ही नहीं सकता, तुम उस अस्पताल का नाम बताओ।

बंता: जनाना अस्पताल।

संता: अरे यार, वहाँ तो मैं पैदा ही हुआ था।

संता: आज एक महीना पूरा हो गया।


अगली बार!

संता अपनी पत्नी जीतो और नवजात बच्चे को अस्पताल से घर लेकर आया।

जीतो ने संता से कहा कि,"बच्चे ने गिला कर दिया है इसका डाईपर बदल दो।"

संता: मैं अभी काम में व्यस्त हूँ मैं वादा करता हूँ कि अगली बार पक्का करूँगा।"

थोड़ी देर बाद जब बच्चे ने फिर गिला किया तो जीतो ने फिर से संता से कहा।

संता ने मासूमियत से जीतो की तरफ देखकर कहा,"मैंने यह नही कहा था कि अगला डाईपर मैंने तो यह कहा था कि जब अगला बच्चा होगा तब मैं पक्का करूँगा।"


10 लाख रूपए!

एक बैंक बिल्कुल जेल के सामने था एक दिन बैंक के सेफ का लॉक नही खुल रहा था बैंक वालों ने हर तरह कोशिश की मैकनिक बुलाये पर फिर भी वे सेफ का लॉक नही खोल पाए।

तब बैंक मैनेजर ने जेल में जाकर कैदियों से मदद मांगी एक कैदी सेफ का लॉक खोलने के लिए तैयार हो गया।

उसे पुलिस सुरक्षा में बाहर लाया गया और उसने थोड़ी ही देर में बिना किसी तोड़फोड़ के सेफ खोल दिया।

बैंक मैनेजर उसके उस कारनामे से बहुत खुश हुआ।

मैनेजर ने सेफ खोलने वाले कैदी से कहा, "मैं आपसे बहुत खुश हूँ, आपने बिना किसी क्षति के सेफ खोल दिया आप बताईये की इस काम के लिए हम आपको कितने रूपए दें।"

सेफ खोलने वाले कैदी ने कहा, "पिछली बार तो जब मैंने ऐसा ही एक सेफ खोला था तो मुझे 10 लाख रूपए मिले थे तभी तो मैं यहाँ हूँ।"


जाकर खा लो!

मुर्गियों के फार्म में एक बार निरीक्षण के लिए इंस्पेक्टर आया।

इंस्पेक्टर: तुम मुर्गियों को क्या खिलाते हो?

पहला मालिक: बाजरा।

इंस्पेक्टर: खराब खाना, इसे गिरफ्तार कर लो।

दूसरा: चावल।

इंस्पेक्टर: गलत खाना, इसे भी गिरफ्तार कर लो।

अब संता की बारी आई।

संता डरते-डरते बोला, "हम तो जी मुर्गियों को 5-5 रुपए दे देते हैं कि जो तुम्हारी मर्जी है जाकर खा लो।"


मैं सीख रहा हूँ!

एक बार एक गाँव में तीर-अंदाज़ी की प्रतियोगिता चल रही रही थी। 3 नकाबपोश आदमी उसमे भाग लेने के लिए आये।

पहले नकाबपोश ने तीर चलाया और तीरा लक्ष्य के ठीक बीचों-बीच जाकर लगा। आदमी ने अपना नक़ाब उतारा और बोला, "मैं रॉबिन हुड हूँ।"

लोगों ने खूब तलिया बजायी और उसका स्वागत किया।

फिर दूसरे नकाबपोश ने तीर चलाया तो तीर लक्ष्य के बीच लगे रॉबिन हुड के तीर को चीरता हुआ चला गया। उसने अपना नक़ाब उतार और बोला, "मैं विलियम टेल हूँ।"

अब तीसरे आदमी ने तीर चलाया तो तीर लक्ष्य से बहुत दूर जाकर गिरा। आदमी ने अपना नक़ाब उतारा तो संता था। सभी लोग उसे घूर-घूर कर देख रहे थे तो संता बोला, "माफ़ करना दोस्तो मैं सीख रहा हूँ।"

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